बिजली गई तो सबसे पहले जो चीज़ लोग ढूंढते हैं वो मोमबत्ती है। लेकिन आपदा राहत कार्यों में बार-बार देखा गया है — चाहे 2018 की केरल बाढ़ हो, 2020 का अम्फान चक्रवात जिसने पश्चिम बंगाल को तबाह किया, या मानसून में बिहार और असम की नियमित बाढ़ — कि अंधेरा असली समस्या नहीं होती। असली समस्या होती है: मोबाइल की मरी हुई बैटरी, फ्रिज में रखी इंसुलिन या दवाई जो खराब हो रही हो, और यह न पता होना कि बाहर क्या हो रहा है। जिन परिवारों ने बाद में सबसे ज़्यादा मुश्किल झेली, उनमें एक बात साझा थी — उन्होंने रोशनी की व्यवस्था की थी, लेकिन जानकारी और दवाई की नहीं।
- पहले 30 मिनट: जब बिजली जाए तो यह तीन काम तुरंत करें
- वो गलती जो लगभग हर घर करता है: तैयारी सिर्फ टॉर्च तक सीमित रखना
- घर पर क्या रखें: एक व्यावहारिक सूची जो काम आए
- बच्चे, बुजुर्ग और विशेष ज़रूरतें: जिनकी तैयारी अलग होनी चाहिए
- जेनरेटर और पोर्टेबल बैटरी: कौन सा विकल्प आपके लिए सही है
- कब घर में रहें, कब निकलें: एक स्पष्ट नियम
- वो एक काम जो आज 10 मिनट में हो सकता है
- अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
पहले 30 मिनट: जब बिजली जाए तो यह तीन काम तुरंत करें
बिजली जाते ही घड़ी शुरू हो जाती है। फ्रिज बंद हो गया, मोबाइल चार्ज होना बंद हो गया, और अगर घर में कोई बीमार है तो उनकी दवाई की टाइमिंग भी खतरे में है। ये तीन काम तुरंत करें:
- मोबाइल को लो-पावर मोड में डालें और अनज़रूरी ऐप्स बंद करें। स्क्रीन की ब्राइटनेस घटाएं। एक पूरी तरह चार्ज मोबाइल भी सामान्य उपयोग में 8–10 घंटे में खत्म हो सकती है।
- फ्रिज और फ्रीज़र का दरवाज़ा बंद रखें। बंद फ्रीज़र 48 घंटे तक ठंडा रह सकता है — लेकिन हर बार दरवाज़ा खोलने से यह समय घटता है।
- ज़रूरी दवाइयाँ अलग करें — खासकर इंसुलिन, हृदय रोग की दवाइयाँ, और अस्थमा इन्हेलर। तय करें कि अगले 24 घंटे की ज़रूरत कितनी है।
यह नियम याद रखें: अगर बिजली 4 घंटे से ज़्यादा गई हो और आपके घर में कोई बुजुर्ग, बच्चा, या बीमार व्यक्ति हो, तो पड़ोसी या रिश्तेदार के घर जाने का विकल्प तुरंत सोचें — इंतज़ार मत करें।
वो गलती जो लगभग हर घर करता है: तैयारी सिर्फ टॉर्च तक सीमित रखना
अम्फान चक्रवात (पश्चिम बंगाल, 2020) के बाद राहत केंद्रों में जो सबसे आम शिकायत सुनी गई, वो खाने की नहीं थी — वो थी मोबाइल चार्ज न होने की। परिवार अपने रिश्तेदारों से संपर्क नहीं कर पा रहे थे। कुछ लोगों को यह नहीं पता था कि उनके इलाके में पानी कितना बढ़ा है या निकासी का रास्ता कौन सा है। जानकारी से कटना उतना ही खतरनाक हो सकता है जितना अंधेरा।
दूसरी बड़ी गलती है — यह मान लेना कि बिजली कुछ घंटों में आ जाएगी। भारत में मानसून के दौरान, खासकर ओडिशा, आंध्र प्रदेश, पश्चिम बंगाल और केरल के तटीय इलाकों में, चक्रवात के बाद बिजली 3 से 7 दिन तक गायब रह सकती है। बिहार और असम में मानसूनी बाढ़ के दौरान भी यही होता है।
तीसरी गलती: जेनरेटर को घर के अंदर या बंद जगह चलाना। जेनरेटर से निकलने वाली कार्बन मोनोऑक्साइड गैस बेरंग और बेगंध होती है — और यह घर के अंदर जानलेवा हो सकती है। जेनरेटर हमेशा खुली जगह, कम से कम 3 मीटर दूर रखें।
घर पर क्या रखें: एक व्यावहारिक सूची जो काम आए
यहाँ दी गई सूची “परफेक्ट किट” नहीं है — यह वो न्यूनतम तैयारी है जो 72 घंटे की बिजली कटौती में काम आती है। इसे अपने परिवार के हिसाब से बढ़ाएं।
बिजली और संचार
- पोर्टेबल बैटरी (Power Bank) — कम से कम 20,000 mAh क्षमता वाला एक पावर बैंक, जो दो मोबाइल को दो बार चार्ज कर सके। इसे हर महीने एक बार फुल चार्ज करके रखें।
- LED टॉर्च — हर कमरे के लिए एक। बैटरी-चालित, रिचार्जेबल नहीं — क्योंकि जब बिजली न हो तब रिचार्जेबल बेकार है।
- एक AM/FM रेडियो (बैटरी-चालित) — IMD और आकाशवाणी से आपातकालीन अलर्ट सुनने के लिए। (India Meteorological Department के अलर्ट रेडियो पर सबसे पहले आते हैं।)
- एक सोलर चार्जर — अगर बजट हो तो। खासकर उन इलाकों के लिए जहाँ लंबी कटौती आम है।
खाद्य सुरक्षा: क्या रखें, कितना रखें
- तीन दिन का सूखा राशन — चावल, दाल, आटा, सत्तू, चना, बिस्किट, नमकीन
- डिब्बाबंद खाना — राजमा, छोले, आम का अचार, टमाटर प्यूरी (जो बिना पकाए भी खाया जा सके)
- पीने का पानी — प्रति व्यक्ति प्रति दिन कम से कम 3 लीटर। 4 लोगों के परिवार के लिए 3 दिन के लिए 36 लीटर। बड़े कंटेनर में पहले से भरकर रखें।
- ORS पाउच — बच्चों और बुजुर्गों के लिए गर्मी में डिहाइड्रेशन से बचाव के लिए
खाद्य सुरक्षा के बारे में एक सरल नियम: फ्रिज का खाना 4 घंटे के बाद खाएं तो पहले सूंघें — अगर खुशबू सामान्य न हो तो फेंक दें। गर्मियों में यह समय और भी कम हो सकता है। बिजली गई तो क्या? इन तरीकों से पकाएं सुरक्षित खाना — इस लेख में बिना गैस और बिजली के पकाने के तरीके विस्तार से दिए हैं।
दवाई और स्वास्थ्य
- कम से कम 7 दिन की ज़रूरी दवाइयाँ — खासकर डायबिटीज़, ब्लड प्रेशर, थायरॉइड की
- इंसुलिन अगर घर में है — कूलिंग पाउच (insulin cooling pouch) रखें जो बिना फ्रिज के 48–72 घंटे तक काम करता है
- बेसिक फर्स्ट एड किट: बैंडेज, एंटीसेप्टिक, ORS, बुखार-दर्द की दवाई, थर्मामीटर
बच्चे, बुजुर्ग और विशेष ज़रूरतें: जिनकी तैयारी अलग होनी चाहिए
संयुक्त परिवारों में — जो भारत में आज भी बहुत आम हैं — यह सोचना ज़रूरी है कि घर में सबसे कमज़ोर कड़ी कौन है। एक 70 साल के बुजुर्ग की ज़रूरत और एक 5 साल के बच्चे की ज़रूरत बिल्कुल अलग होती है।
- बुजुर्ग: गर्मियों में बिजली कटौती के दौरान हीट स्ट्रोक का खतरा सबसे ज़्यादा बुजुर्गों को होता है। राजस्थान, तेलंगाना और महाराष्ट्र में मई-जून में यह जानलेवा हो सकता है। उनके कमरे में गीली चादर, हाथ का पंखा और ORS ज़रूर रखें। अगर वे अकेले हैं, तो हर 2-3 घंटे में उनसे संपर्क करने का इंतज़ाम करें।
- छोटे बच्चे: अंधेरे में बच्चे घबरा सकते हैं। एक छोटी बैटरी-चालित नाइट लाइट उनके कमरे में रखें। उनके लिए रेडी-टू-ईट खाना और पानी अलग रखें। बच्चों के साथ आपदा में कैसे बचें? — इसमें बच्चों की विशेष तैयारी पर पूरी जानकारी है।
- दिव्यांगजन: जिनके घर में व्हीलचेयर, ऑक्सीजन कंसंट्रेटर, या CPAP मशीन है — उनके लिए बैकअप पावर की व्यवस्था पहले से करना ज़रूरी है। ज़िला स्वास्थ्य अधिकारी या NDMA हेल्पलाइन (1078) से इस बारे में पहले से बात करें।
- पालतू जानवर: बिजली कटौती में गर्मी पालतू जानवरों के लिए भी खतरनाक होती है। पालतू जानवर बचाएं: आपदा से पहले यह गलती मत करें — यह लेख पढ़ें।
जेनरेटर और पोर्टेबल बैटरी: कौन सा विकल्प आपके लिए सही है
यह सवाल अक्सर पूछा जाता है — जेनरेटर लें या इन्वर्टर? जवाब आपकी ज़रूरत, बजट और रहने की जगह पर निर्भर करता है।
जेनरेटर
जेनरेटर बड़े घरों, दुकानों, या उन जगहों के लिए सही है जहाँ ज़्यादा बिजली की ज़रूरत हो — जैसे पंप, AC, या फ्रिज चलाना। लेकिन इसके साथ कुछ ज़रूरी सावधानियाँ:
- हमेशा बाहर या खुली जगह चलाएं — कभी भी कमरे, गैरेज, या बंद जगह में नहीं
- ईंधन (पेट्रोल/डीज़ल) सुरक्षित कंटेनर में, ठंडी और हवादार जगह रखें
- हर 3 महीने में एक बार चलाकर देखें कि यह काम कर रहा है
इन्वर्टर + बैटरी
अधिकतर भारतीय शहरी और अर्ध-शहरी घरों में इन्वर्टर पहले से होता है। इसे नियमित रखरखाव की ज़रूरत है — बैटरी का पानी हर महीने चेक करें, और मानसून से पहले सर्विसिंग कराएं।
पोर्टेबल बैटरी (Power Station)
हाल के वर्षों में पोर्टेबल बैटरी पावर स्टेशन उपलब्ध हुए हैं जो बिना धुएं और शोर के मोबाइल, लैपटॉप, पंखा और छोटे उपकरण चला सकते हैं। ये किराये पर रहने वालों या शहरी अपार्टमेंट में रहने वालों के लिए सबसे व्यावहारिक विकल्प हैं।
एक अच्छा पोर्टेबल पावर स्टेशन — जो सोलर पैनल से भी चार्ज हो सके — बिजली कटौती की तैयारी में सबसे उपयोगी निवेश साबित होता है, खासकर उन परिवारों के लिए जिनके घर में इंसुलिन, CPAP, या अन्य मेडिकल उपकरण हैं।
कब घर में रहें, कब निकलें: एक स्पष्ट नियम
बिजली कटौती अकेले शायद ही कभी निकासी की वजह बनती है — लेकिन मानसून में बाढ़ या चक्रवात के साथ आई बिजली कटौती अलग बात है। उस स्थिति में यह नियम याद रखें:
- अगर पानी आपके दरवाज़े तक पहुँच जाए — तुरंत निकलें, किसी सरकारी आदेश का इंतज़ार मत करें।
- अगर IMD ने आपके ज़िले के लिए Red Alert जारी किया हो (mausam.imd.gov.in) और बिजली भी गई हो — तो यह दोनों मिलकर संकेत हैं कि स्थिति बिगड़ रही है।
- अगर सिर्फ बिजली गई हो, कोई बाढ़ या तूफान न हो, और घर पक्का हो — तो घर में रहना आमतौर पर सुरक्षित है।
- कच्चे घर (kaccha house) में रहने वाले परिवारों को तेज़ बारिश और बिजली कटौती के साथ ज़्यादा सतर्क रहना चाहिए।
NDMA की गाइडलाइंस के अनुसार, आपदा के दौरान स्थानीय प्रशासन — District Collector, तहसीलदार, या Gram Panchayat — से संपर्क करना सबसे सही कदम है। NDMA हेल्पलाइन नंबर 1078 पर 24 घंटे सहायता उपलब्ध है। (ndma.gov.in)
चक्रवात से पहले की तैयारी के बारे में विस्तृत जानकारी के लिए यह लेख उपयोगी है: चक्रवात से पहले क्या करें? ज़रूरी चेकलिस्ट
वो एक काम जो आज 10 मिनट में हो सकता है
पूरी तैयारी एक दिन में नहीं होती — लेकिन एक काम आज ही हो सकता है। अभी अपने घर में जाँचें:
- पावर बैंक चार्ज है? अगर नहीं — अभी लगाएं।
- टॉर्च की बैटरी काम करती है? अभी चेक करें।
- घर में 3 दिन का सूखा राशन और 36 लीटर पानी (4 लोगों के लिए) है? अगर नहीं — एक लिस्ट बनाएं।
- ज़रूरी दवाइयाँ कितने दिन की हैं? अगर 3 दिन से कम — इस हफ्ते नई दवाई लाएं।
सबसे छोटा, सबसे ज़रूरी काम: पावर बैंक को आज रात फु
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
बिजली कटौती के दौरान फ्रिज में रखी दवाइयाँ कितने समय तक सुरक्षित रहती हैं?
बिना खोले फ्रिज सामान्यतः 4 घंटे तक तापमान बनाए रखता है, जबकि फ्रीज़र 48 घंटे तक। इंसुलिन जैसी संवेदनशील दवाइयाँ खुलने के बाद 2-8°C से ऊपर जाते ही खराब होने लगती हैं, इसलिए थर्मल बैग या बर्फ के साथ अलग रखना ज़रूरी है।
बिजली कटौती की तैयारी के लिए घर में कौन-कौन सी ज़रूरी चीज़ें रखनी चाहिए?
कम से कम 72 घंटे के लिए पावर बैंक (20,000 mAh या अधिक), टॉर्च, रेडियो, और पीने का पानी (प्रति व्यक्ति 3 लीटर प्रतिदिन) रखना चाहिए। इसके अलावा नकद पैसे, ज़रूरी दवाइयाँ और परिवार के महत्वपूर्ण दस्तावेज़ों की फोटोकॉपी भी आपदा किट में होनी चाहिए।
बिजली जाने पर मोबाइल की बैटरी बचाने के लिए क्या करें?
बिजली जाते ही मोबाइल को तुरंत लो-पावर मोड में डालें और वाई-फाई, ब्लूटूथ व लोकेशन बंद कर दें, जिससे बैटरी 40-60% तक अधिक समय चल सकती है। सिर्फ ज़रूरी कॉल और आपदा अलर्ट के लिए फोन का उपयोग करें और पावर बैंक पहले से पूरा चार्ज रखें।
भारत में बाढ़ या चक्रवात के दौरान बिजली कटौती कितने दिन तक रह सकती है?
2020 के अम्फान चक्रवात में पश्चिम बंगाल के कई इलाकों में 7 से 14 दिन तक बिजली नहीं आई थी, जबकि केरल बाढ़ 2018 में कुछ क
Jackery Explorer 300 Portable Power Station
पोर्टेबल पावर स्टेशन बिजली कटौती के दौरान फोन, लाइट, रेडियो और छोटे मेडिकल उपकरण चालू रख सकता है। वॉट-घंटे की क्षमता और आउटपुट पोर्ट की तुलना उन उपकरणों से करें जिनकी आपके परिवार को वाकई ज़रूरत है।
खरीदने से पहले स्थानीय उपलब्धता, डिलीवरी, परिवार के आकार और आधिकारिक सलाह की तुलना करें।
Amazon Associate के रूप में, योग्य खरीदारी से आय हो सकती है।

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