संपादकीय टीम

बिजली कटौती

बिजली गुल हो तो घर में क्या करें? पूरी तैयारी यहाँ

बिजली लंबे समय तक गुल रहने पर घर में रोशनी, भोजन और संपर्क कैसे संभालें और सुरक्षित कैसे रहें, इसकी पूरी तैयारी यहाँ व्यावहारिक रूप से समझें।
आपदा तैयारी

कार्यस्थल पर आपदा से बचना है तो यह जानना ज़रूरी है

कार्यस्थल पर आपदा आने की स्थिति में निकासी मार्ग, आपात किट और सहकर्मियों के साथ तैयारी कैसे करें, इसका व्यावहारिक मार्गदर्शन यहाँ पढ़ें।
बाढ़

शहरी बाढ़: नाले नहीं, सरकार की नीयत हुई फेल

शहरी बाढ़ के पीछे केवल नालों की समस्या नहीं बल्कि योजना और नीति की खामियाँ कैसे काम करती हैं और नागरिक कैसे तैयार रहें, यह संतुलित रूप से समझें।
आपातकालीन किट

चक्रवात से पहले क्या करें? ज़रूरी तैयारी की पूरी सूची

चक्रवात आने से पहले घर, दस्तावेज़ और आपात किट की तैयारी कैसे करें, इसकी पूरी और व्यावहारिक जाँच-सूची शांत तथा भरोसेमंद भाषा में यहाँ पढ़ें।
आपातकालीन किट

एक दोपहर में बनाएं परिवार की आपदा सुरक्षा योजना

सिर्फ़ एक दोपहर में अपने परिवार के लिए व्यावहारिक आपदा सुरक्षा योजना कैसे बनाएँ, किन बातों को शामिल करें और कैसे तैयार रहें, यह सीखें।
प्राथमिक चिकित्सा

सर्दी की शुरुआत में कोहरा और दुर्घटना — उत्तर भारत में कम विजिबिलिटी के लिए वाहन सुरक्षा और हीटिंग बैकअप (भारत संस्करण)

सर्दी में उत्तर भारत का कोहरा कम विजिबिलिटी से दुर्घटनाएँ बढ़ाता है। वाहन सुरक्षा और हीटिंग बैकअप की व्यावहारिक तैयारी यहाँ जानें।
आपातकालीन किट

आपदा में जीवन बचाएं: पानी-भोजन सुरक्षित रखने के तरीके

आपदा के दौरान पानी और भोजन को सुरक्षित तरीके से कैसे संग्रहित और उपयोग करें ताकि बीमारी से बचें और परिवार सुरक्षित रहे, यह व्यावहारिक रूप से जानें।
आपातकालीन किट

आपदा से पहले तैयार रहें: अपना पड़ोस बचाएं

आपदा आने से पहले अपने पड़ोस के साथ मिलकर कैसे तैयारी करें, आपसी मदद का ढाँचा कैसे बनाएँ और मिलकर सुरक्षित कैसे रहें, यह यहाँ समझें।
निकासी योजना

परिवार बचाव योजना: आपदा में सही फैसला कैसे लें?

परिवार के लिए बचाव योजना कैसे बनाएँ, संपर्क और मिलन-स्थल कैसे तय करें और आपदा में सही निर्णय कैसे लें, इसका व्यावहारिक मार्गदर्शन पढ़ें।
आपातकालीन किट

आपदा बीमा: असली सच जो एजेंट कभी नहीं बताता

आपदा बीमा लेने से पहले कवरेज, दावे और अपवादों की वे असली बातें समझें जिन्हें अक्सर बताया नहीं जाता, ताकि आप सोच-समझकर फैसला ले सकें।