बहुत लोग आपदा के लिए सामान खरीदते हैं—और यह अच्छी बात है।
लेकिन समस्या यह है कि ज़्यादातर किट सोशल मीडिया वाली “शानदार” किट बन जाती है,
जबकि वास्तविक आपदा में ज़रूरत होती है सादा, भरोसेमंद और उपयोगी चीज़ों की।
मैंने आपदा क्षेत्र में (बड़े भूकंप के बाद) और बचाव/अग्निशमन के अनुभव में देखा है:
कई परिवारों के पास बैग था, सामान था—लेकिन फिर भी वे “तुरंत” उपयोग नहीं कर पाए।
कारण: किट में “कूल” चीज़ें थीं, “काम की” नहीं।
यह लेख बताएगा कि वाकई में गैर-ज़रूरी क्या है, और उसकी जगह क्या रखना चाहिए।
■① “फालतू” का मतलब क्या है?
कोई चीज़ फालतू तब बनती है जब:
- आप उसे 72 घंटे में इस्तेमाल नहीं करेंगे
- उसे चलाने की ट्रेनिंग चाहिए
- वह भारी है, जगह खाती है
- वह आपकी असली कमजोरियों (पानी/टॉयलेट/चार्ज/दवा) को नहीं सुलझाती
आपदा में चीज़ों का मूल्य “इंस्टाग्राम” से नहीं, पहले 3 दिन से तय होता है।
■② सबसे आम फालतू चीज़: बहुत बड़ा मल्टी-टूल
बहुत लोग भारी मल्टी-टूल खरीद लेते हैं—कुल्हाड़ी, आरा, चाकू, स्क्रूड्राइवर सब कुछ।
लेकिन सच:
- घर के अंदर 72 घंटे में इसका उपयोग बहुत कम होता है
- गलत इस्तेमाल से चोट का जोखिम बढ़ता है
- बच्चों वाले घर में यह जोखिम है
इसके बजाय रखें:
- छोटा स्क्रूड्राइवर
- डक्ट टेप
- ज़िप टाई (cable ties)
ये चीज़ें वास्तव में “तुरंत” काम आती हैं।
■③ दूसरी फालतू चीज़: बहुत सारी मोमबत्तियाँ
मोमबत्ती दिखने में सरल लगती है, लेकिन:
- आग का खतरा बढ़ता है
- बंद कमरे में दुर्घटना का जोखिम
- बिजली लौटते समय भी भूल से आग लग सकती है
इसके बजाय बेहतर:
- LED टॉर्च
- हेडलैम्प
- बैटरी/रीचार्जेबल लाइट
रोशनी चाहिए—आग नहीं।
■④ तीसरी फालतू चीज़: बहुत ज्यादा “खाना”, लेकिन पानी/सफाई नहीं
कई किट में स्नैक्स का ढेर होता है, लेकिन:
- पानी कम होता है
- टॉयलेट और सफाई का सामान नहीं होता
- दवा नहीं होती
आपदा में असली ब्रेकडाउन यहां होता है:
खाना नहीं—पानी, स्वच्छता और तनाव।
कम लेकिन सही रखें:
- पानी का लक्ष्य (कम से कम 9–12 लीटर/व्यक्ति)
- वेट वाइप्स/साबुन/सैनिटाइज़र
- कूड़ा बैग (टॉयलेट/कचरा दोनों)
■⑤ चौथी फालतू चीज़: “बहुत हाई-टेक” गैजेट जो आप कभी टेस्ट नहीं करते
जैसे:
- महंगा हैंड-क्रैंक रेडियो जो आपने कभी चलाया नहीं
- कई मोड वाली टॉर्च जिसमें बैटरी जल्दी खत्म होती है
- जटिल फिल्टर सिस्टम जिसके पार्ट्स गायब हो जाते हैं
आपदा में नियम:
जो चीज़ आपने पहले नहीं चलाई, वह आपदा में काम नहीं करेगी।
इसके बजाय:
- सरल FM रेडियो (यदि आपके क्षेत्र में उपयोगी हो)
- एक भरोसेमंद टॉर्च
- एक पावर बैंक जिसे आप हर महीने चार्ज करते हैं
■⑥ पाँचवी फालतू चीज़: “सिर्फ दिखावे” वाली मेडिकल किट
बहुत किट में बैंडेज तो होते हैं, लेकिन:
- आपकी नियमित दवा नहीं होती
- ORS नहीं होता
- एलर्जी/अस्थमा इनहेलर का बैकअप नहीं होता
भारत में यह बहुत महत्वपूर्ण है—गर्मी, डिहाइड्रेशन, संक्रमण के कारण।
वास्तव में ज़रूरी:
- आपकी नियमित दवाओं का 3–7 दिन का स्टॉक
- ORS
- बुखार की दवा
- छोटा एंटीसेप्टिक
■⑦ “अगर हटाना है, तो किसे रखें?” (एक सरल सूची)
यदि आपका बैग भारी हो गया है, तो प्राथमिकता यह रखें:
- पानी
- चार्ज (पावर बैंक)
- रोशनी (LED)
- स्वच्छता (वाइप्स/साबुन/कूड़ा बैग)
- दवा/ORS
- बिना पकाए चलने वाला भोजन
बाकी सब “बाद में”।
■⑧ आज ही करने वाला छोटा कदम
आज 10 मिनट में यह करें:
- अपनी किट खोलें
- 3 चीज़ें निकालें जो आपने पिछले 6 महीनों में कभी नहीं छुई
- उनकी जगह:
1) पानी बढ़ाएँ
2) स्वच्छता जोड़ें
3) दवा/ORS रखें
बस यही आपकी किट को “जीवन-रक्षक” बना देगा।
■निष्कर्ष
आपदा किट का लक्ष्य “कूल” दिखना नहीं है।
लक्ष्य है: पहले 72 घंटे में टूटना नहीं।
फालतू अक्सर ये होते हैं:
- भारी मल्टी-टूल
- ढेर सारी मोमबत्तियाँ
- बहुत खाना, कम पानी/सफाई
- बिना टेस्ट किए हाई-टेक गैजेट
- दिखावटी मेडिकल किट
और ज़रूरी हमेशा ये:
पानी, चार्ज, रोशनी, स्वच्छता, दवा।

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